रोग एवं आयुर्वेदिक उपचार (Diseases Treated)
Specialized Chronic & Lifestyle Disease Eradication Without Steroids
आयुर्वेद में रोग के लक्षणों को दबाने के स्थान पर उसके मूल कारण (आम, वात, पित्त, कफ विषमता) को समाप्त किया जाता है। नीचे विभिन्न रोगों के शास्त्रीय उपचार देखें।
संधिवात / आमवात (गठिया व जोड़ों का दर्द - Arthritis)
जोड़ों के ऑपरेशन (Knee Replacement) से पूर्व जानु बस्ति, पत्र पिण्ड स्वेद एवं शास्त्रीय गुग्गुलु योगों द्वारा कार्टिलेज पुनर्जनन का अनुभव करें।
संधिवात / आमवात (गठिया)
जोड़ों में दर्द, सूजन, जकड़न, चलने-फिरने में कठिनाई और कार्टिलेज का घिसना।
मधुमेह (डायबिटीज)
रक्त शर्करा की वृद्धि, अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब आना, थकान और नसों में कमजोरी।
सोरायसिस एवं त्वचा विकार
त्वचा पर लाल चकत्ते, चांदी जैसी सफेद पपड़ी, असहनीय खुजली एवं त्वचा का फटना।
ग्रहणी, उदर रोग एवं अम्लपित्त
पेट में जलन, गैस, कब्ज, अपच, आईबीएस (ग्रहणी) और खट्टी डकारें।
गृध्रसी (साइटिका) एवं स्लिप डिस्क
कमर से लेकर पैर के तलवे तक तेज नस का दर्द, झनझनाहट और चलने में भारीपन।
खालित्य, इंद्रलुप्त एवं केश पतन
तेजी से बालों का झड़ना, गंजापन, रूसी और समय से पहले बालों का सफेद होना।
निराश न हों — सनातन आयुर्वेद में हर जटिल व्याधि का समाधान है
हमारे मुख्य अस्पताल गया जी में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज स्वस्थ होकर लौटते हैं। अपनी पुरानी रिपोर्ट्स साथ लाएं और नाड़ी परीक्षा कराएं।