17+ केंद्र (बिहार व UP)
PARVATVEDAMEDICARE PRIVATE LIMITED
विशिष्ट संधिवात एवं मज्जा पोषण चिकित्सा प्रभाग • 35+ वर्ष परंपरा
PARVATVEDA MEDICARE ARTHRITIS CLINIC

संधिवात / आमवात (गठिया, घुटनों का घिसाव एवं साइटिका)

Non-Surgical Cartilage Regeneration • Janu Basti & Classical Vedic Protocol

आयुर्वेद में संधिवात का मूल कारण प्रकुपित वात दोष एवं घुटनों के श्लेषक कफ (सायनोवियल ग्रीस) का सूखना है। जब जोड़ों में रुक्षता बढ़ती है, तो कार्टिलेज घिसने लगता है और असहनीय दर्द होता है। पर्वतवेदा संस्थान में जानु बस्ति, पत्र पिण्ड स्वेद तथा 21 दिनों तक खरल में घोटकर तैयार की गई संधिमुक्त औषधियों द्वारा बिना किसी ऑपरेशन के जोड़ों को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ किया जाता है।

Clinical Efficacy Recordसत्यापित परिणाम
सफल गैर-शल्य परिणाम (Reported Recovery):92% Successअस्पताल में पंजीकृत रोगियों के अनुभूत परिणाम
नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी से बचाव:>85% रोगियों में सर्जरी पूर्णतः टली
प्रमुख वैदिक प्रक्रियाएं:जानु बस्ति, पत्र पिण्ड स्वेद, रास्ना क्वाथ, पाषाण खरल वटी
औसत राहत समय चक्र:7 से 14 दिनों में जोड़ों की जकड़न व तीव्र पीड़ा में आराम
शून्य स्टेरॉयड • शून्य दर्द निवारक दुष्प्रभाव
Ayurvedic Classification & Diagnosis

गठिया के प्रकार एवं रोग के चेतावनी लक्षण

आयुर्वेद में प्रत्येक प्रकार के जोड़ों के दर्द का अलग कारण व उपचार है। नीचे अपने रोग की सटीक पहचान करें:

01

संधिगत वात (Sandhigata Vata / Osteoarthritis)

Knee Cartilage & Joint Wear-and-Tear

उम्र बढ़ने या रुक्ष आहार से घुटने का श्लेषक कफ (ग्रीस) सूख जाता है। हड्डियां आपस में रगड़ खाती हैं जिससे कट-कट की आवाज और चलने पर अत्यधिक दर्द होता है।

✦ विशिष्ट उपचार: जानु बस्ति द्वारा औषधीय तैल धारण एवं शल्लकी रसायन।
02

आमवात (Amavata / Rheumatoid Arthritis)

Immune Dysfunction & Deep Toxin Accumulation

पाचन अग्नि कमजोर होने पर बना कच्चा 'आम रस' वात के साथ मिलकर छोटे-बड़े जोड़ों में फैलता है। सुबह उठने पर भारी जकड़न, बुखार जैसा अहसास व जोड़ों में तेज सूजन रहती है।

✦ विशिष्ट उपचार: आमपाचन दीपन औषधियां, वालुका स्वेद एवं रास्ना सप्तक काढ़ा।
03

वातरक्त (Vatarakta / High Uric Acid Gout)

Metabolic Hyperuricemia & Burning Pain

रक्त धातु दूषित होने से यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स पैर के अंगूठे, एड़ी व टखनों में जमा हो जाते हैं। छूने पर भीषण जलन और असहनीय चुभन होती है।

✦ विशिष्ट उपचार: कैशोर गुग्गुलु, गुडूची (गिलोय) स्वरस एवं रक्तमोक्षण।
04

गृध्रसी (Gridhrasi / Sciatica & Spinal Nerve Compression)

L4-L5 Lumbar Disc & Nerve Impingement

कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर कूल्हे व पूरे पैर की एड़ी तक बिजली जैसा असहनीय खिंचाव, सुन्नपन व पैर उठाने में असमर्थता।

✦ विशिष्ट उपचार: कटि बस्ति, प्रसारिणी तैल अभ्यंग एवं मर्म चिकित्सा।

गठिया एवं संधिवात के प्रमुख चेतावनी लक्षण:

Severe joint pain, especially in morning hours or cold weather
Swelling, warmth, and redness in knees, knuckles, or ankles
Crepitus (clicking and grinding sounds upon movement)
Loss of joint flexibility and muscular atrophy around joints
Chronic morning stiffness lasting longer than 45 minutes
Specialized Panchakarma Therapies

संस्थान की प्रमाणित पंचकर्म एवं शास्त्रीय औषधियां

गया जी मुख्य अस्पताल एवं 17+ क्षेत्रीय केंद्रों पर अनुभवी आयुर्वेदाचार्यों द्वारा संचालित विशिष्ट प्रक्रियाएं:

१

जानु बस्ति (Janu Basti)

उड़द के आटे की घेराबंदी कर घुटनों के जोड़ों पर 45 मिनट तक औषधीय उष्ण तैल (महानारायण व क्षीरबला) का अविरल धारण। यह सूखे कार्टिलेज को पुनर्जीवित करता है।

✓ कार्टिलेज ग्रीस पुनर्निर्माण
२

पत्र पिण्ड स्वेद (Pottali)

निर्गुण्डी, एरण्ड व अर्क पत्तों की सिद्ध औषधीय पोटली को गर्म तैल में डुबोकर जोड़ों का स्वेदन किया जाता है। इससे जोड़ों की गहरी सूजन व जकड़न 7 दिनों में कम होती है।

✓ तीव्र जकड़न व सूजन का शमन
३

शुद्ध गुग्गुलु व शल्लकी वटी

संस्थान की रसशाला में पाषाण खरल में 21 दिन मर्दन कर निर्मित योगराज, कैशोर गुग्गुलु व शल्लकी सत्व। यह यूरिक एसिड घटाकर आंतरिक सूजन को समूल नष्ट करते हैं।

✓ यूरिक एसिड व शोथ नाशक
४

रास्ना सप्तक क्वाथ (Decoction)

अस्थि, मज्जा एवं स्नायुओं को बल देने वाला तथा प्रकुपित वात दोष का शमन करने वाला प्रसिद्ध शास्त्रीय काढ़ा। नसों की कमजोरी दूर कर स्थायी शक्ति प्रदान करता है।

✓ अस्थि व मज्जा धातु का पोषण
Ayurvedic Nutrition & Lifestyle

पथ्य एवं अपथ्य — क्या खाएं और क्या न खाएं

औषधि के साथ सही खान-पान से जोड़ों में ग्रीस बनने की प्रक्रिया 3 गुना तेज हो जाती है:

पथ्य - क्या खाएं एवं क्या करें (Beneficial Habits)

वात-शामक एवं कार्टिलेज संवर्धक आहार
Warm, freshly cooked foods with a pinch of ginger, turmeric, and cumin
Cow's pure ghee in moderation to lubricate dry tissues
Lukewarm water throughout the day to kindle digestive fire
Gentle daily stretching and Sukshma Vyayama under guidance

अपथ्य - क्या न खाएं एवं क्या न करें (Harmful Foods)

वात-प्रकोपक एवं सूजन बढ़ाने वाली चीजें
Cold, stale, refrigerated, and deep-fried fast foods
Sour curd, fermented dough, pickles, and excessive tomatoes
Sleeping during daytime and exposure to chilly direct winds
Heavy pulses like Urad dal and violent high-impact exercises
⭐ 4.9 रेटिंग • 35 वर्षों का अनुभूत शास्त्रीय योग

संधिमुक्त तैल एवं वटी किट (Sandhimukta Amrit Kit)

घुटनों के घिसाव (ग्रीस की कमी), कट-कट की आवाज, सूजन एवं पुराने साइटिका के दर्द का 100% प्राकृतिक शास्त्रीय समाधान। तिल तैल पाक विधि द्वारा 21 दिनों तक खरल में सिद्ध किया गया परम प्रभावी योग।

₹480 से प्रारंभ
संपूर्ण भारत में कैश ऑन डिलीवरी (COD) उपलब्ध
✓ 1 माह, 2 माह एवं 3 माह का संपूर्ण निवारण पैक
सत्यापित रोगी अनुभव: रामेश्वर प्रसाद सिंह (६२ वर्ष, गया जी)

“डॉक्टरों ने दोनों घुटने बदलवाने (Total Knee Replacement) का खर्च ₹4 लाख बताया था। मैंने गया जी के पर्वतवेदा संस्थान में 45 दिन जानु बस्ति कराया और संधिमुक्त तेल-वटी का नियमित सेवन किया। आज मैं बिना किसी सहारे या लाठी के आराम से चल रहा हूँ और दर्द पूरी तरह समाप्त हो गया है।”

Parvatveda Ancient Rasashala Sanctuary
आयुष एवं GMP प्रमाणित रसशाला • Est. 1988 • गया जी मुख्य धाम
PARVATVEDA MEDICARE PRIVATE LIMITED

घुटनों के दर्द और गठिया से हमेशा के लिए मुक्ति पाएं

गया जी मुख्य अस्पताल अथवा 17+ क्षेत्रीय केंद्रों पर अनुभवी आयुर्वेदाचार्य से नाड़ी परीक्षा कराएं

नाड़ी परीक्षा एवं जानु बस्ति द्वारा रोग के मूल कारण का निवारण। आज ही अपना निःशुल्क परामर्श टोकन बुक करें या शुद्ध औषधियां घर बैठे मंगाएं।

॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥